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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

कथक नृत्य में परमेलुः लय, ताल, छंद, वाद्ययंत्रों, नृत्य के बोल और प्रकृति की ध्वनियों का एक सुन्दर संयोजन

लेखकः डॉ० सम्राट चौधरी
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 7-10
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.091

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

मृच्छकटिकम में वर्णित राजनीतिक चिंतन एवं संस्थाएं: एक अवलोकन

लेखकः डॉ० मल्लिका मंजरी
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 11-18
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.092

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

भारत के प्रमुख नाथ मठों का ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक अध्ययन

लेखकः नरेश कुमार & डॉ० अश्वनी कुमार
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 19-26
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.093

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

श्रीतन्त्रालोक के आलोक में यामल संघट्ट एवं काम ऊर्जा का आध्यात्मिक रुपान्तरण: एक अनुशीलन

लेखकः मनोज कुमार मिश्रा & डॉ० हितेश कुमार सिंह
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 34-37
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.095

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति का अध्ययन

लेखकः डॉ० पंकज पाण्डेय
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 38-43
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.096

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

उत्तराखण्ड में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता: उद्भव, विकास एवं सामाजिक परिवर्तन

लेखकः नीलम दानू · प्रो० रेनू प्रकाश
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 44-53
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.097

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Vol. 2 No. 3 (September 2026)

भारतीय संस्कृति आरो प्रकृति के संदर्भ में अंगिका उपन्यासों में नारी चेतना

लेखकः डॉ० गौतम कुमार यादव
खण्ड 2, अंक 3 (सितम्बर 2026)
पृष्ठः 54-59
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n3.2026.098

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

उत्तररामचरितम् भवभूर्तिविशिष्यते : एक समीक्षात्मक अध्ययन

लेखकः डॉ. प्रीति शुक्ला
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 9-12
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.053

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

जीवन का समग्र बोध : जे. कृष्णमूर्ति की अंतर्दृष्टि के आलोक में

लेखकः डॉ० हरि नारायण
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 62-66
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.061

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

मनुस्मृति और श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित वर्णव्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन

लेखकः मधुरिमा प्रियंवदा
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 67-72
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.062

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

बौद्ध अपोह सिद्धांत की समकालीन सामाजिक-दार्शनिक उपादेयता : भाषा, सत्य और सत्ता के संदर्भ में

लेखकः भीम शंकर मीना
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 73-81
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.063

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

भरतमुनिकृत  नाट्यशास्त्रीय भाव एवं विभाव का स्वरूप विश्लेषण

लेखकः अविनाश कुमार पाण्डेय
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 86-91
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.065

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

बुद्ध के शिक्षा दर्शन में नैतिकता और समभाववादी दृष्टि का दार्शनिक विश्लेषण

लेखकः रवि रंजन कुमार
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 92-96
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.066

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

स्व-चेतना (Self-Consciousness) का तुलनात्मक विश्लेषण: बौद्ध अनात्मवाद, No-Ownership Theory, Self-Model Theory एवं Default Mode Network (DMN) के विशेष संदर्भ में

लेखकः रघुनाथ पटेल
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 151-156
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.073

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

नव्य न्याय परंपरा में नैयायिक श्री भवानंद सिद्धांतवागीश: एक समीक्षात्मक अध्ययन

लेखकः अमित कुमार मण्डल
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 168-175
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.075

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Vol. 2 No. 2 (June 2026)

अजय शर्मा के उपन्यासों में चित्रित पारिवारिक संघर्ष और सामंजस्य : एक अध्ययन

लेखकः डॉ० संजीव कुमार
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 259-261
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.087

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Vol. 2 No. 1 (March 2026)

बौद्ध एवं अद्धैत वेदान्त में प्रत्यक्ष की प्रकृति का दार्शनिक विमर्श

लेखकः डॉ. शीतांशु पाण्डेय
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 34-37
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.004

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Vol. 2 No. 1 (March 2026)

नाथ संप्रदाय के गोरक्षपीठ का राष्ट्रवादी विमर्श : 19वीं और 20वीं शताब्दी का विश्लेषण

लेखकः गौरव प्रताप राव और प्रियांशु सिंह
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 38-46
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.005

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Vol. 2 No. 1 (March 2026)

श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

लेखकः डॉ. हरि नारायण
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 69-75
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.008

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