Peer Reviewed | Open Access

उत्तराखण्ड में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता: उद्भव, विकास एवं सामाजिक परिवर्तन

नीलम दानू 1 · प्रो० रेनू प्रकाश 2

1   शोधार्थी, समाजशास्त्र विभाग, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, उत्तराखण्ड

2    प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी, उत्तराखण्ड 

Corresponding author: नीलम दानू

E-mail: danu3neelam@gmail.com

IssueVol. 2 No. 3 (September 2026) – Anubodhan

प्राप्तिः 28 जुलाई 2026 / स्वीकृतः 4 अगस्त 2026 / प्रकाशित ऑनलाइन: 18 अगस्त 2026

DOI: https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n3.2026.097

Abstract

प्रस्तुत शोध पत्र का मुख्य उदेश्य उत्तराखण्ड की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता के ऐतिहासिक उद्भव, क्रमिक विकास और वर्तमान स्थिति का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना है । पर्वतीय समाज पारंपरिक रूप से पितृसत्तात्मक एवं रूढ़िवादी मान्यताओं से प्रभावित रहा है, इस व्यवस्था में महिलायें घरेलू उत्तरदायित्वों और कठिन शारीरिक श्रम तक ही सीमित रहीं हैं । कालांतर में औपनिवेशिक काल के दौरान राष्ट्रीय चेतना के विकास के साथ-साथ उत्तराखण्ड में महिला चेतना एवं राजनीतिक सहभागिता का उद्भव हुआ। औपनिवेशिक काल से पूर्व उत्तराखण्ड की महिलाओं की राजनीतिक स्थिति अत्यंत सीमित थी। अतः प्रस्तुत शोध पत्र में महिलाओं के राजनीतिक सहभागिता के विकास को तीन प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है । प्रथम चरण स्वतंत्रता आंदोलन के साथ आरम्भ हुआ जिसमें अनेक महिलाओं ने सक्रिय भाग लिया तथा ब्रिटिश साम्राज्यवाद का सामना किया। द्वितीय चरण में स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात महत्वपूर्ण जन आंदोलनों का दौर आया जिनमें यहाँ की महिलाओं ने सक्रिय एवं व्यापक भागीदारी की, इनमें कुछ आंदोलन जैसे ‘चिपको’ आंदोलन तथा उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे । तृतीय चरण राज्य गठन के बाद महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण तथा संस्थागत विकास का अध्ययन करता है। इस चरण में उत्तराखण्ड सरकार ने 2008 में पंचायती राज व्यवस्था के अंतर्गत महिलाओं को 50% आरक्षण का प्रावधान किया जिसके परिणाम स्वरूप राजनीति में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। हालाँकि, प्रस्तुत शोध पत्र यह भी रेखांकित करता है कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के समक्ष अनेक व्यावहारिक चुनौतियाँ अभी भी हैं।

मुख्य शब्द: उत्तराखण्ड, राजनीतिक सहभागिता, महिला नेतृत्व, महिला आरक्षण, पंचायती राज व्यवस्था, सामाजिक परिवर्तन।

How to cite: Danu, N. & Prakash, R. (2026). उत्तराखण्ड में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता: उद्भव, विकास एवं सामाजिक परिवर्तन. Anubodhan, 2(3), 44–53. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n3.2026.097

Scroll to Top