cropped-LOGO_ANUBODHAN-removebg-preview1.png

ANUBODHAN

A Peer Reviewed Multidisciplinary Quarterly Research Journal

Filter posts by category

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

उत्तररामचरितम् भवभूर्तिविशिष्यते : एक समीक्षात्मक अध्ययन

लेखकः डॉ. प्रीति शुक्ला
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 9-12
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.053

उत्तररामचरितम् भवभूर्तिविशिष्यते : एक समीक्षात्मक अध्ययन Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

जीवन का समग्र बोध : जे. कृष्णमूर्ति की अंतर्दृष्टि के आलोक में

लेखकः डॉ० हरि नारायण
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 62-66
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.061

जीवन का समग्र बोध : जे. कृष्णमूर्ति की अंतर्दृष्टि के आलोक में Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

मनुस्मृति और श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित वर्णव्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन

लेखकः मधुरिमा प्रियंवदा
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 67-72
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.062

मनुस्मृति और श्रीमद्भगवद्गीता में वर्णित वर्णव्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

बौद्ध अपोह सिद्धांत की समकालीन सामाजिक-दार्शनिक उपादेयता : भाषा, सत्य और सत्ता के संदर्भ में

लेखकः भीम शंकर मीना
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 73-81
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.063

बौद्ध अपोह सिद्धांत की समकालीन सामाजिक-दार्शनिक उपादेयता : भाषा, सत्य और सत्ता के संदर्भ में Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

भरतमुनिकृत  नाट्यशास्त्रीय भाव एवं विभाव का स्वरूप विश्लेषण

लेखकः अविनाश कुमार पाण्डेय
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 86-91
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.065

भरतमुनिकृत  नाट्यशास्त्रीय भाव एवं विभाव का स्वरूप विश्लेषण Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

बुद्ध के शिक्षा दर्शन में नैतिकता और समभाववादी दृष्टि का दार्शनिक विश्लेषण

लेखकः रवि रंजन कुमार
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 92-96
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.066

बुद्ध के शिक्षा दर्शन में नैतिकता और समभाववादी दृष्टि का दार्शनिक विश्लेषण Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

स्व-चेतना (Self-Consciousness) का तुलनात्मक विश्लेषण: बौद्ध अनात्मवाद, No-Ownership Theory, Self-Model Theory एवं Default Mode Network (DMN) के विशेष संदर्भ में

लेखकः रघुनाथ पटेल
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 151-156
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.073

स्व-चेतना (Self-Consciousness) का तुलनात्मक विश्लेषण: बौद्ध अनात्मवाद, No-Ownership Theory, Self-Model Theory एवं Default Mode Network (DMN) के विशेष संदर्भ में Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

नव्य न्याय परंपरा में नैयायिक श्री भवानंद सिद्धांतवागीश: एक समीक्षात्मक अध्ययन

लेखकः अमित कुमार मण्डल
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 168-175
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.075

नव्य न्याय परंपरा में नैयायिक श्री भवानंद सिद्धांतवागीश: एक समीक्षात्मक अध्ययन Read More »

Vol. 2 No. 2 (June 2026)

अजय शर्मा के उपन्यासों में चित्रित पारिवारिक संघर्ष और सामंजस्य : एक अध्ययन

लेखकः डॉ० संजीव कुमार
खण्ड 2, अंक 2 (जून 2026)
पृष्ठः 259-261
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n2.2026.087

अजय शर्मा के उपन्यासों में चित्रित पारिवारिक संघर्ष और सामंजस्य : एक अध्ययन Read More »

Vol. 2 No. 1 (March 2026)

बौद्ध एवं अद्धैत वेदान्त में प्रत्यक्ष की प्रकृति का दार्शनिक विमर्श

लेखकः डॉ. शीतांशु पाण्डेय
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 34-37
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.004

बौद्ध एवं अद्धैत वेदान्त में प्रत्यक्ष की प्रकृति का दार्शनिक विमर्श Read More »

Vol. 2 No. 1 (March 2026)

नाथ संप्रदाय के गोरक्षपीठ का राष्ट्रवादी विमर्श : 19वीं और 20वीं शताब्दी का विश्लेषण

लेखकः गौरव प्रताप राव और प्रियांशु सिंह
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 38-46
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.005

नाथ संप्रदाय के गोरक्षपीठ का राष्ट्रवादी विमर्श : 19वीं और 20वीं शताब्दी का विश्लेषण Read More »

Vol. 2 No. 1 (March 2026)

श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन

लेखकः डॉ. हरि नारायण
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 69-75
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.008

श्रीमद्भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन Read More »

Vol. 2 No. 1 (March 2026)

हठयोगप्रदीपिका और पतंजलि के अष्टांग योग का दार्शनिक अंतर्संबंध : एक समालोचनात्मक अध्ययन

लेखकः राजा राम
खण्ड 2, अंक 1 (मार्च 2026)
पृष्ठः 194-207
DOI: 10.65885/anubodhan.v2n1.2026.019

हठयोगप्रदीपिका और पतंजलि के अष्टांग योग का दार्शनिक अंतर्संबंध : एक समालोचनात्मक अध्ययन Read More »

Scroll to Top