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श्रीमद्भागवत महापुराण में सामाजिक एवं सांस्कृतिक समीक्षाः भारतीय ज्ञान परम्परा के परिप्रेक्ष्य में

डॉ0 आचार्य अविनाश चन्द्र शुक्ल

प्राचार्य, श्री पंचायती संस्कृत स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मुण्डेरवा, बस्ती

Issue: Volume 1 No. 4 (December 2025) Anubodhan

Published: 31 December 2025

Abstract

श्रीमद्भागवत महापुराण में सामाजिक एवं सांस्कृतिक समीक्षा का भिन्न-भिन्न स्थलों पर वर्णन मिलता है। श्रीमद्भागवत महाकाव्य एक ऐसा ग्रन्थ है जो कि श्रीकृष्ण के अवतार की चर्चा तो प्रमुख रूप से करता है, किन्तु इसके अतिरिक्त यह ग्रन्थ राजाओं, राजवंशों की परम्परा का विवरण देकर सामाजिक सन्दर्भों का भी संकेत करता है। उस काल में समाज की क्या स्थिति थी, किस प्रकार के लोग, किस रूप में अपना जीवन व्यतीत करते थे और वे किस-किस नाम से पुकारे जाते थे इस सन्दर्भ में सामाजिक स्वरूप का विवरण भी श्रीमद्भागवत महापुराण में यत्र-तत्र देखा जा सकता है और जिसका समीक्षा कर तत्कालीन समाज का स्वरूप समझा जा सकता है।

How to cite: Shukla, A. C.  (2025). श्रीमद्भागवत महापुराण में सामाजिक एवं सांस्कृतिक समीक्षाः भारतीय ज्ञान परम्परा के परिप्रेक्ष्य में. Anubodhan, 1(4), 62–70. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v1n4.2025.031

DOI: 10.65885/anubodhan.v1n4.2025.031

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