अजय कुमार शोध छात्र, समाजशास्त्र विभाग, दी0 द0 उ0 गो0 वि0, गोरखपुर
प्रो0 अनुराग द्विवेदी विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र विभाग, दी0 द0 उ0 गो0 वि0, गोरखपुर
E-mail: ajayjigyasu.kumar007@gmail.com
Abstract
सामान्य तौर पर एक समय में जन्म लेने वाले लोगों के समूह को पीढ़ी कहते है, जैसे पुरानी और नयी पीढ़ी। जब समाज में व्यक्तियों के समूह का विभाजन आयु के आधार पर किया जाता है, तो इसे भी पीढ़ी ही कहते है। सामान्यतः 20-25 वर्ष के अन्तराल के बाद एक नयी पीढ़ी का निर्माण होता है, तथा पहली पीढ़ी दूसरी पीढ़ी और दूसरी पीढ़ी तीसरी पीढ़ी या अवस्था में पहुँच जाती है, लम्बे समय के अन्तराल के बाद समाज में परिवर्तन होना स्वाभाविक है, क्योंकि मनुष्य के विचार, व्यवहार सदैव बदलते रहते हैं, समाज में परिवर्तन के फलस्वरूप सामाजिक मूल्यों, व्यवहार प्रतिमानों आदि में बदलाव आ जाता है, जिसके कारण व्यक्तियों के विचारों, मूल्यों, आदतों, खान-पान, रहन-सहन में परिवर्तन होने लगता है।
संघर्ष एक सार्वभौमिक सामाजिक प्रक्रिया हैं, जो प्रत्येक समाज में किसी न किसी रूप में अवश्य पायी जाती है, जैसे-जातिगत-संघर्ष, प्रजातीय संघर्ष, अन्तरपीढ़ी संघर्ष इत्यादि। जब समाज में दो पीढ़ीयों के बीच संघर्ष की स्थिति उत्पन्न होने लगे, तो उसे अन्तर पीढ़ी संघर्ष कहते है।1 (अग्रवाल, 2010) यह संघर्ष वैचारिक मतभेद के रूप में हो सकता है। यह मतभेद स्वतन्त्रता समानता, मूल्यों, विश्वासों, प्रथाओं एवं परम्पराओं आदि से संबंधित हो सकता है। वर्तमान आधुनिक युग में परिवर्तन की अनेक प्रक्रियाओं एवं आधुनिक कानूनों के प्रभाव के कारण दो पीढ़ीयों के विचारों में टकराव/संघर्ष की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसके कारण संयुक्त परिवार का विघटन होना प्रारम्भ हो गया है।
शोध अध्ययन क्षेत्र खोरठा ग्राम, गोरखपुर जनपद के पिपरौली विकासखण्ड में स्थिति है, यह गाँव गोरखपुर वाराणसी हाइवे से बाधागाड़ा तिराहे से उनवल रोड़ पर 7 कि0मी0 दूरी पर पूरब दिशा में स्थित है। शोध अध्ययन हेतु उद्देश्यपूर्ण निदर्शन विधि के माध्यम से 60 परिवारों का चयन किया गया है। अन्वेषणात्मक एवं वर्णनात्मक शोध प्रारूप तथा तथ्य संकलन हेतु साक्षात्कार-अनुसूची का प्रयोग किया गया है।
बीज शब्दः अन्तरपीढ़ी, संघर्ष, नवीन, पुरानी पीढ़ी, संयुक्त परिवार, विघटन
How to cite: Kumar, A., Dwivedi, A. (2025). अन्तर्पीढ़ी संघर्ष एवं संयुक्त परिवार का विघटनः एक समाजशास्त्रीय अध्ययन (गोरखपुर जनपद में स्थित पिपरौली विकासखण्ड के खोरठा गाँव के विशेष सन्दर्भ में). Anubodhan, 1(4), 117–137. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v1n4.2025.037