भारत नेपाल साहित्यिक संबंधों में नेपाली संस्कृत अभिलेखों का योगदान
डॉ. सोनल सिंह
सहायक निदेशक, महायोगी गुरु श्रीगोरक्षनाथ शोधपीठ, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर
Abstract
भारत, नेपाल देश के इतिहास पर नजर डालने पर कई प्रकार के ऐसे तथ्य मिलते हैं, जिससे यह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो जाता है कि दोनों देश प्राचीन काल से अत्यंत घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए थे वरन दोनों ही स्थानों पर एक ही समाज दिखाई देता है, इसमें एक ही अखंड भारत या नेपाल की तस्वीर दिखती है प्रस्तुत शोध लेख भारत नेपाल साहित्यिक संबंधों में नेपाली संस्कृत अभिलेखों का योगदान के संदर्भ में देखा गया है।
बीज शब्द: भारत नेपाल साहित्यिक संबंध,स्वास्तिक, सिद्धम, ताम्रपत्राभिलेख, शिलालेख, अभिलेख