सीमापार आतंकवाद: भारतीय सुरक्षा चुनौतियाँ एवं विकल्प
प्रो0 सतीश चन्द्र पाण्डेय1 और अनुराग दूबे2
1आचार्य, रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर
2शोध छात्र, रक्षा एवं स्त्रातजिक अध्ययन विभाग, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, गोरखपुर, E-mail: anurag.dubeey@gmail.com
Abstract
वर्तमान में आतंकवाद की समस्या एक विश्वव्यापी गंभीर समस्या बन गई है जो विश्व भर के विकसित एवं विकासशील देशों में कानून, प्रशासन व समाज के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। आतंकवाद एक ऐसी विचारधारा है जो अपनी स्वार्थसिद्धि और राजनीतिक उद्देश्य की प्राप्ति के लिए हर प्रकार की शक्ति तथा अस्त्रों-शस्त्रों के प्रयोग करने में विश्वास रखती है। अस्त्रों-शस्त्रों का ऐसा घृणित प्रयोग प्रायः विरोधी वर्ग, समुदाय, संप्रदाय अथवा राष्ट्र विशेष को गैर-कानूनी ढंग से डराने धमकाने, जान से मार देने, हिंसा के माध्यम से सरकार को गिराने तथा शासन तंत्रों पर प्रभुत्व जमाने के उद्देश्य से किया जाता है। इस प्रकार आतंकवाद उस प्रवृत्ति को कहा जा सकता है जिसके माध्यम से कतिपय अवांछित तत्व अपनी सभी प्रकार की मांगें मनवाने के लिए अनेकानेक प्रकार के घोर हिंसात्मक उपायों एवं जघन्य अमानवीय साधनों और अस्त्रों-शस्त्रों का प्रयोग करते हैं। आज विश्व के लगभग सभी देश आतंकवाद की चपेट में आ चुके हैं। राजनीतिक स्वार्थों की पूर्ति के लिए आर्थिक हितों की प्राप्ति हेतु, सांस्कृतिक सर्वोच्चता के लिए आतंकवादी सार्वजनिक हिंसा और सामूहिक हत्याओं का कुत्सित रास्ता अपना रहे हैं।
विश्व के लगभग सभी देशों में कुछ न कुछ संकट अवश्य विद्यमान है जिनसे उनके व्यवहारों में परिवर्तन स्वाभाविक है ये संकट दोनों देशों के बीच किसी भी मुद्दों पर हो सकती है जैसे सीमा विवाद, आतंकवाद, व्यापार, आदि के द्वारा संकट का सामना करना पड़ता है। आज पूरा विश्व आतंकवाद की समस्या से परेशान है जिसमें भारत तथा पाकिस्तान की समस्या भी इन्ही में से एक है जिनके बीच सीमा विवाद तथा आतंकवाद जैसी समस्याएं है।
भारत-पाकिस्तान दोनों सामरिक दृष्टिकोण से परमाणु संपन्न राष्ट्र है परन्तु इनके बीच सीमा विवाद तथा आतंकवाद का मुख्य मुद्दा प्रमुख रहा है। भारत-पाकिस्तान का संबंध शुरू से ही अच्छा नहीं रहा है क्योकिं इन्होने कई लड़ाईयां लड़ी ( 1947-48, 1965, 1971 और 1999) हैं। जिसमें सभी युद्ध में भारत के हाथों पाकिस्तान को हार का सामना करना पड़ा हैं।
आतंकवाद भारत तथा पाकिस्तान के बीच मुख्य मुद्दा है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान छद्म युद्ध का सहारा ले रहा है जिसमें सीमापार आतंकवाद और राज्य-प्रायोजित आतंकवाद को बढावा दे रहा है जिससे भारत को काफी नुकसान हो रहा है। आतंकवाद को हम एक राज्य द्वारा दूसरे राज्य के विरूद्ध एक रणनीति के तहत प्रयोग कह सकते है। आतंकवाद का अर्थ है भय पैदा करना अर्थात जनता में भय पैदा करना तथा जनता और सरकार को जानमाल का नुकसान पहुँचाना ही आतंकवाद है। आतंकवाद का कुछ उद्देश्य होता है जिसको पूरा करने के लिए संगठित संगठन होता है जिस पर किसी राज्य का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संरक्षरण प्राप्त होता है।
मुख्य शब्दः आतंकवाद, आतंकवाद निवारण अधिनियम, 2002, भारतीय सीमा, मल्टी एजेंसी सेंटर (MAC), फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स, व्यापक एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली (CIBMS), भारत-पाकिस्तान सीमा, भारत-बांग्लादेश सीमा, भारत-चीन सीमा, भारत-नेपाल सीमा, भारत-भूटान सीमा, भारत-म्यांमार सीमा
How to Cite: Pandey, S. C., Dubey, A. (2025). सीमापार आतंकवाद : भारतीय सुरक्षा चुनौतियाँ एवं विकल्प. Anubodhan, 1(3), 105–117.