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माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति का अध्ययन

डॉ० पंकज पाण्डेय

प्रवक्ता, शिक्षाशास्त्र, एस० एस० बी० इण्टर कालेज, अमिला, मऊ – 275301, उत्तर प्रदेश

E-mail: ssbpankajpandey2021@gmail.com

IssueVol. 2 No. 3 (September 2026) – Anubodhan

प्राप्तिः 8 जून 2026 / संशोधित: 20 जून 2026 / स्वीकृतः 25 जून 2026 / प्रकाशित ऑनलाइन: 9 अगस्त 2026

DOI: https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n3.2026.096

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति का अध्ययन करना तथा लिंग एवं विद्यालयी बोर्ड के आधार पर विद्यार्थियों की अभिवृत्ति में पाए जाने वाले अन्तर का विश्लेषण करना है। अध्ययन में माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति के स्तर, छात्र एवं छात्राओं की अभिवृत्ति का अध्ययन किया गया। अध्ययन हेतु उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के पाँच विकास खण्डों से यू0 पी0 बोर्ड के 09 तथा सी0 बी0 एस0 ई0 बोर्ड के 05 विद्यालयों का यादृच्छिक विधि से चयन किया गया। अध्ययन में कुल 437 विद्यार्थियों को प्रतिदर्श के रूप में सम्मिलित किया गया, जिनमें 227 छात्र एवं 210 छात्राएँ थीं। शोध के लिए वर्णनात्मक सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया तथा आँकड़ों के संकलन हेतु ‘अध्यापक के भावात्मक अध्यापकीय व्यवहार अभिवृत्ति मापनी’ का प्रयोग किया गया। प्राप्त आँकड़ों का विश्लेषण मध्यमान, मानक विचलन एवं टी-अनुपात आदि सांख्यिकीय विधियों द्वारा किया गया। परिणामों से ज्ञात हुआ कि 65.2 प्रतिशत विद्यार्थियों की अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति अभिवृत्ति औसत स्तर की थी, जबकि 16.7 प्रतिशत विद्यार्थियों की अभिवृत्ति उच्च तथा 18.1 प्रतिशत की निम्न स्तर की पायी गयी। छात्र एवं छात्राओं की अभिवृत्ति में सार्थक अन्तर पाया गया तथा छात्राओं की अभिवृत्ति छात्रों की अपेक्षा अधिक थी। इसी प्रकार यू0 पी0 बोर्ड एवं सी0 बी0 एस0 ई0 बोर्ड के विद्यार्थियों की अभिवृत्ति में भी सार्थक अन्तर पाया गया, जिसमें यू0 पी0 बोर्ड के विद्यार्थियों की अभिवृत्ति अधिक थी। यू0पी0 बोर्ड के छात्र एवं छात्राओं की अभिवृत्ति में सार्थक अन्तर नहीं पाया गया, जबकि सी0 बी0 एस0 ई0 बोर्ड के छात्र एवं छात्राओं की अभिवृत्ति में सार्थक अन्तर पाया गया। अध्ययन से यह निष्कर्ष प्राप्त हुआ कि माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार का विद्यार्थियों की अभिवृत्ति पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। अतः विद्यार्थियों के भावात्मक एवं शैक्षिक विकास को प्रभावी बनाने के लिए अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार में अपेक्षित सुधार एवं परिमार्जन आवश्यक है।

बीजशब्द: माध्यमिक शिक्षा, अध्यापक व्यवहार, भावात्मक व्यवहार, विद्यार्थियों की अभिवृत्ति, शिक्षक-विद्यार्थी अन्तःक्रिया।

How to cite: Pandey, P. (2026). माध्यमिक स्तर के अध्यापकों के भावात्मक व्यवहार के प्रति विद्यार्थियों की अभिवृत्ति का अध्ययन. Anubodhan, 2(3), 38–43. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n3.2026.096

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