डॉ. विजेन्द्र कुमार यादव
सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर), राजनीति शास्त्र विभाग, ए. के. पी. जी. कालेज शिकोहाबाद, फीरोजाबाद (उ. प्र.)-283141
E-mail: vijendrakyadav786@gmail.com
Issue: Volume 2 No. 1 (March 2026) Anubodhan
प्राप्तिः 25 मार्च 2026 / स्वीकृतः 30 मार्च 2026 / प्रकाशितः 31 मार्च 2026
DOI: https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n1.2026.041
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र में सबसे पहले सॉफ्ट पावर की अवधारणा पर विचार किया गया है और साथ ही साथ हार्ड पावर से इसके अंतर को समझने का प्रयास किया गया है। तत्पश्चात भारतीय संदर्भ में सॉफ्ट पावर की अवधारणा को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है। जोसेफ नाई जूनियर द्वारा सॉफ्ट पावर को मजबूत बनाने हेतु सुझाए गए विभिन्न आयामों यथा – संस्कृति, राजनीतिक मूल्य और विदेश नीति, के अंतर्गत भारतीय सॉफ्ट पावर को विश्लेषित करने का प्रयास किया गया है। आगे यह भी समझने का प्रयास किया गया है कि भारतीय सॉफ्ट पावर किस प्रकार से विभिन्न भू-राजनीतिक मुद्दों को साधने में भारत के लिए अहम भूमिका का निर्वहन कर सकती है। भारत ने अपनी आजादी के समय 1947 में जो यात्रा एक गरीब, अल्पविकसित, अल्पशिक्षित राष्ट्र के रूप में शुरू की थी आज वह यात्रा दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच चुकी है जिसका अगला लक्ष्य 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में सॉफ्ट पावर नीति कहां तक मदद कर सकती है इसका विश्लेषण इस शोध पत्र में किया गया है। वर्तमान में इस संदर्भ में क्या-क्या बाधाएं हैं और इन्हें कैसे दूर किया जा सकता है इन बातों पर विचार करते हुए शोध पत्र का समापन किया गया है।
मूल शब्दः सॉफ्ट पावर, सांस्कृतिक कूटनीति, राजनीतिक मूल्य, जन कूटनीति, विदेश नीति, विकसित भारत।
How to cite: Yadav, V. K. (2026). भारत की सॉफ्ट पावर कूटनीति एवं 2047 में विकसित भारत का लक्ष्य. Anubodhan, 2(1), 432–452. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n1.2026.041