अंकुश गुप्ता
शोध छात्र, प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्त्व विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी
ई-मेल: ankushguptaphd@bhu.ac.in
Issue: Volume 2 No. 1 (March 2026) Anubodhan
प्राप्तिः 16 मार्च 2026 / स्वीकृतः 24 मार्च 2026 / प्रकाशितः 31 मार्च 2026
DOI: https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n1.2026.012
Abstract
साम्राज्यवादी ब्रिटेन ने जब भारत को अपना उपनिवेश बनाया तो अपनी साम्राज्यवादी शोषणकारी नीतियों को सही साबित करने के लिए व दीर्घकालीन शासन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उसने अपने प्रशासनिक तंत्रों और धर्माचार्यों व पादरीयों आदि सभी का प्रयोग किया। इस प्रयोग में भारत पर ब्रिटेन के शासन को सही साबित करने में ब्रिटिश लेखकों व इतिहासकारों के प्रयास सर्वाधिक महत्वपूर्ण साबित हुए। माउंटस्टुअर्ट एलफिंस्टन, विसेंट आर्थर स्मिथ, ई. जे. रैप्सन, जेम्स मिल आदि ब्रिटिश लेखकों ने अपने भ्रामक लेखन के माध्यम से यह बताने का प्रयास किया कि भारत प्राचीन काल से ही बाहर से आई जातियों से शासित होता रहा है इसलिए भारत पर ब्रितानी शासन सही है। उन्होंने यहां की धर्म-दर्शन, संस्कृति, सामाजिक व्यवस्था, ज्ञान, विज्ञान, कला, शासन, प्रशासन व शिक्षा के स्व को मिटाने का सुनियोजित प्रयास किया। इस प्रकार के भ्रामक मतों का विरोध अपने स्व से परिचित भारतीय विद्वानों ने सदैव ही किया है। इन सभी ब्रिटिश लेखकों में जेम्स मिल का लेखन भारतीय इतिहास व स्व के विरोध में सर्वाधिक प्रचलित व प्रभावी हुआ। जेम्स मिल ने सबसे पहले भारतीय इतिहास व संस्कृति की निरंतरता पर प्रहार करते हुए इसे तीन भिन्न-भिन्न हिंदू, मुस्लिम व ब्रिटिश काल खंडों में विभाजित कर दिया। इन तीनों ही कालों की मूल भावना एक दूसरे से बिल्कुल विपरीत थी, जिनमें प्रथम के दो काल हिंदू व मुस्लिम धर्म के आधार पर विभाजित थे। इस प्रकार के काल विभाजन से जेम्स मिल यह बताना चाहता था कि भारत के प्रारंभिक इतिहास के शासक धर्म आधारित व भेदभाव पूर्ण शासन करते थे जबकि उपनिवेश काल को उसने ब्रिटिश काल कहकर यह दिखाने का प्रयास किया कि ब्रिटेन भारत को आधुनिक व सभ्य बनाने के लिए धार्मिक भेदभाव से रहित शासन कर रहा है। इस प्रकार जेम्स मिल के इतिहास लेखन ने भारतीय इतिहास व संस्कृति की निरंतरता व सामंजस्य को क्षत-विक्षत कर दिया।
कूट शब्द: जेम्स मिल, भारतीय इतिहास, इतिहास लेखन, औपनिवेशिक विमर्श, प्राचीन भारत, ब्रिटिश इतिहास लेखन
How to cite: Gupta, A. (2026). जेम्स मिल का प्राचीन भारतीय इतिहास लेखन. Anubodhan, 2(1), 116–120. https://doi.org/10.65885/anubodhan.v2n1.2026.012